नेपाल के नई जेनरेशन ने कर दी है बहुत बड़ी मांग इस मांग को कैसे पूरा करेगा नेपाल वहां के नए पीढ़ी को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जैसा ही पीएम नेता चाहिए आब नेपाल कहां से दूसरा नरेंद्र मोदी को लाएगा। वहां के युवाओं का यह मानना है कि एक युवा नेता ही नेपाल को इस संकट से निकल सकता है इसलिए यहां की जनता को एक युवा नेता चाहिए।
नेपाल में सोशल मीडिया बैन के बाद वहां के युवाओं में बहुत ही अधिक मात्रा में उथल-पुथल मचा दिया है जिससे नेपाल का बहुत भारी नुकसान हुआ है इस भारी नुकसान का सबसे बड़ा कारण है कि यहां पर बहुत अधिक महंगाई हो चुकी है और यहां के युवा लोग बेरोजगार हैं उनकेपास कोई रोजगार नहीं है तो इतनी महंगाई में यहां के लोगो का जीना मुश्किल हो रहा था और इसी बीच सरकार ने एक बहुत बड़ी फैसला ले ली और पुरे सोशल मीडिया ऐप को बैन कर दिया जो भी लोग सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ पैसों का इकट्ठा कर लेते थे उनका भी घर चला गया। इसी के वजह से नेपाल में बड़े-बड़े होटल, प्रधानमंत्री आवास, सुप्रीम कोर्ट और न जाने क्या-क्या जलकर राख हो गए।

आईएसएनएस, काठमांडू। यहां के युवाओं के इस आंदोलन ने पूरे राष्ट्र को हिला दिया सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुए आंदोलन ने नेपाल की राजनीति ही बदल डाली। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली युवाओं के गुस्से और आंदोलन को देखते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दी। यहां के प्रदर्शनकारियों में पूरे नेपाल को हिला दिया था इसकी चर्चा नेपाल के अलावा अन्य देश में भी हो रही थी।
लोगों का कहना है – नेपाल को चाहिए नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री।
नेपाल के मीडिया वाले ने गुरुवार के दिन कई युवा नेपाली नागरिकों से बात की तो वहां के जनता द्वारा देश के राजनीतिक भविष्य, देश का विकास और अन्य टिप्पणी पर अपनी चिताओं को साझा किया है:
इसी बातचीत के दौरान यह पता चला कि यहां की गांव में सिर्फ 35 घंटा के अंदर अपनी सरकार प्रधानमंत्री पद से हटा दिया। युवाओं के द्वारा यह बोला जा रहा है कि हमने जो हासिल किया उसकी हम सरहना करते है तथा देश के कल्याण को प्राथमिकता दें। पिछले एक दशक में भारत के जैसा बदलाव देखने को मिले। हम भी नेपाल में ऐसा ही प्रगति देखना चाहते हैं युवाओं ने यह अभी कहा कि फिलहाल के लिए एक अल्पकालिक आदर्श सरकार होगी तथा बाद में फिर से चुनाव करके हम अपनी नई सरकार बनाएंगे।
इसी आंदोलन के बीच लोग घायल हो चुके हैं।
नेपाल में फैली यह आंदोलन के हिंसा में अभी तक लगभग 30 लोगों की जान जा चुकी है और 1000 से भी अधिक लोग घायल हो चुके हैं। और इसी आंदोलन के बीच वहां के युवाओं द्वारा यह सुनने को मिला कि यहां का अगला नेता कौन होगा तो इसी बीच नेपाल का पड़ोसी देश भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने देश के लिए अपनी आन बान शान तथा लड़ मिटने के लिए हरदम तैयार रहते हैं। भारत धीरे-धीरे एक विकसित देश होता जा रहा है और इसी को देखते हुए नेपाल की जनता ने भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी के जैसा प्रधानमंत्री चाहिए।
नेपाल एक ऐसा देश है जो भौगोलिक रूप से भारत से जुड़ा हुआ है और सांस्कृतिक रूप से भी भारत के साथ उसका गहरा रिश्ता रहा है। नेपाल की राजनीति में लंबे समय से अस्थिरता, दलगत संघर्ष और नेतृत्व संकट देखने को मिलता रहा है। इस पृष्ठभूमि में नेपाल की नई पीढ़ी के युवाओं की ओर से उठ रही यह आवाज़ – “हमें भी पीएम मोदी जैसा नेता चाहिए” – देश के राजनीतिक और सामाजिक हालात पर गहरी रोशनी डालती है।
नेपाल की राजनीति में लगातार अस्थिरता
नेपाल ने 2008 में राजशाही से लोकतंत्र की ओर कदम बढ़ाया और एक नई शुरुआत की उम्मीद जगाई। लेकिन लोकतंत्र आने के बाद भी नेपाल स्थिरता की राह पर नहीं चल सका। वहाँ अक्सर सरकारें बदलती रहती हैं, राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहते हैं और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में असफल दिखाई देते हैं। बीते डेढ़ दशक में नेपाल ने कई प्रधानमंत्री देखे हैं, लेकिन कोई भी लंबे समय तक स्थिर नेतृत्व नहीं दे सका।
जनता की मूलभूत समस्याएँ – शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आर्थिक विकास और आधारभूत ढांचे का निर्माण – अभी भी अधूरी ही पड़ी हैं। यही कारण है कि नेपाल के युवाओं में निराशा बढ़ रही है और वे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे मजबूत, निर्णायक और विकासोन्मुख नेता की मांग करने लगे हैं।
नरेंद्र मोदी का नेतृत्व मॉडल
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का व्यक्तित्व और उनकी राजनीतिक शैली केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों में भी चर्चा का विषय है। मोदी ने पिछले एक दशक में भारत को न केवल आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाया है बल्कि वैश्विक मंच पर भी भारत की साख को ऊंचा किया है।
उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी मजबूत और स्पष्ट नेतृत्व क्षमता है। मोदी ने यह साबित किया है कि एक चुना हुआ नेता यदि दृढ़ संकल्प के साथ काम करे, तो बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। भारत में आधारभूत ढांचे का तेजी से विस्तार, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान और विश्व स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका – ये सभी उनकी उपलब्धियों की मिसाल हैं।
नेपाल के युवाओं को मोदी में वह आदर्श दिखता है जिसकी उनके देश में कमी है।
युवाओं की आकांक्षाएँ और राजनीतिक शून्यता
नेपाल की नई पीढ़ी पढ़ी-लिखी है, सोशल मीडिया से जुड़ी है और दुनिया के बदलते हालात से वाकिफ है। वे भारत, चीन और अन्य देशों में हो रहे तेज़ विकास को देखते हैं और अपने देश के पिछड़ेपन पर सवाल उठाते हैं।
नेपाल में लंबे समय से भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और राजनीतिक दलों की खींचतान ने युवाओं को निराश किया है। उन्हें लगता है कि उनके नेताओं के पास न तो देश को आगे बढ़ाने की दूरदृष्टि है और न ही पारदर्शिता। यही वजह है कि वे एक ऐसे नेता की तलाश कर रहे हैं जो देश के लिए एक स्पष्ट रोडमैप बनाए, जनता को जोड़ सके और देश को वैश्विक स्तर पर सम्मान दिला सके।
नेपाल का नेतृत्व संकट और नई राजनीति की तलाश
नेपाल की राजनीति इस समय एक चौराहे पर खड़ी है। पारंपरिक दलों पर जनता का भरोसा कम हो रहा है और नए विकल्पों की तलाश बढ़ रही है। हाल के वर्षों में नेपाल में कुछ नए चेहरे और नए दल उभरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक वह जनसमर्थन नहीं मिला जो स्थिर परिवर्तन ला सके। नेपाल के युवाओं का यह बयान यह भी दर्शाता है कि वे मौजूदा व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं। वे मानते हैं कि यदि देश को आगे ले जाना है तो राजनीति की दिशा और सोच दोनों बदलनी होंगी। इसके लिए एक दूरदर्शी, निर्णायक और ईमानदार नेतृत्व की आवश्यकता है।
भारत-नेपाल संबंधों की भूमिका
भारत और नेपाल के रिश्ते ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से बहुत गहरे हैं। भारत की राजनीतिक घटनाएँ और नेतृत्व का असर नेपाल पर हमेशा से रहा है। मोदी जैसे नेता की चर्चा नेपाल में होना कोई आश्चर्य नहीं है। नेपाल के युवाओं को लगता है कि यदि मोदी जैसे मजबूत नेता के हाथों में उनका देश होता, तो वह भारत की तरह तेज़ विकास कर सकता था। भारत-नेपाल संबंधों में भी स्थिरता आती और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल की पहचान और मज़बूत होती।
क्या नेपाल में उभर सकता है मोदी जैसा नेतृत्व?
यह सवाल आज नेपाल में सबसे अहम है। क्या वहाँ कोई ऐसा नेता है जो जनता की उम्मीदों पर खरा उतर सके और देश को नई दिशा दे सके? राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि नेपाल की युवा पीढ़ी में क्षमता है और यदि सही माहौल मिले तो नए नेतृत्व का उदय हो सकता है। इसके लिए जरूरी है कि राजनीतिक व्यवस्था पारदर्शी बने, भ्रष्टाचार पर लगाम लगे और युवाओं को राजनीति में आने का अवसर मिले। तभी कोई ऐसा नेता सामने आ सकेगा जो मोदी की तरह जनता का विश्वास जीतकर देश को विकास की राह पर ले जा सके।



