भारत में शिक्षा को लेकर हमेशा से यह बहस होती रही है कि अच्छे संस्थानों में पढ़ाई करना केवल उन्हीं छात्रों के लिए आसान होता है जिनके पास पर्याप्त आर्थिक साधन मौजूद हों। आर्थिक रूप से कमजोर तबके के छात्र अक्सर पढ़ाई के बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर हो जाते हैं क्योंकि उनके परिवार फीस और अन्य खर्चों का बोझ उठाने में सक्षम नहीं होते। बिहार जैसे राज्य, जहाँ से लाखों छात्र हर साल उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अन्य राज्यों में जाते हैं, वहां यह समस्या और गहरी दिखाई देती है। उच्च शिक्षा तक पहुँच बनाने में पैसे की कमी एक बड़ी बाधा रही है।
बिहार सरकार में इसी बात को ध्यान में रखते हुए कुछ वर्ष पहले ही एक ऐतिहासिक कदम उठाया। और इस कदम का नाम है बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम। इस योजना का उद्देश्य छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है, ताकि किसी भी छात्र को पैसों की वजह से पढ़ाई अधूरी न छोड़नी पड़े।
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड; 42 तरह के कोर्स
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत लोन लेकर मेडिकल, इंजीनियरिंग, होटल मैनेजमेंट समेत 42 तरह के कोर्स करने वाले नौजवानों को नीतीश सरकार ने खुश कर दिया है। नीतीश कुमार ने स्टूडेंट के लिए यह सुनहरा मौका दिया है जिसमें स्टूडेंट को जो पैसे दिए जाएंगे ये कर्ज ब्याज फ्री होंगे और लौटाने की समय बढ़ेगी, जिससे EMI स्वतः कम हो जाएगी। बिहार के सीएम नीतीश कुमार की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) वाली सरकार विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही अलग-अलग बैठक में बिहार के लिए तोहफे की बरसात कर रहे है।
बिहार की सरकार ने इस बार स्टूडेंट के लिए एक अच्छा मौका दिया है जिसमें स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से उच्च शिक्षा के लिए मिलने वाले लोन पर ब्याज नहीं लगेगा और जो पैसा स्टूडेंट को मिलेगा उसे पैसे को चुकाने वाला समय भी दो-तीन साल अधिक बढ़ा दिया गया है। अब जितने भी स्टूडेंट इस योजना के बाद स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से अपनी पढ़ाई करेंगे उन्हें शुद्ध नहीं देना पड़ेगा कथा लौटने की नियत बढ़ाने के कारण इसकी EMI भी काम हो गई है इसकी जानकारी खुद नीतीश कुमार ने ट्विटर पर दिया है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 42 तरह की कोर्स जैसे BA, B.Sc, B.Com, मेडिकल,इंजीनियरिंग तथा अन्य कोर्स को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने बिहार की शिक्षा वित्त निगम लिमिटेड के जरिए चार लाख रुपए तक कर्ज देता है। इस योजना का लाभ बिहार बोर्ड तथा पॉलिटेक्निक पास स्टूडेंट को मिलता है। इसके साथ-साथ झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के संस्थानो से इसी तरह के डिग्री वाले बिहार मूल के छात्राओं को भी इस योजना का फायदा होता है सामान्य तौर पर बात किए गए तो उम्र की सीमा 25 साल है, लेकिन पीजी कोर्स के लिए 30 साल तक के स्टूडेंट आवेदन कर सकते हैं।
बिहार सरकार देगी फ्री एजुकेशन लोन, नीतीश का चुनावी ऐलान
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन दिया जाता है। पहले इस लोन पर 4 परसेंट की इंटरेस्ट रेट से ब्याज लगता था। महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर को मात्र 1 फीसदी सूद देना होता था। राज्य सरकार ने अब इस ब्याज को पूरी तरह से खत्म करने का फैसला लिया है, जिसका लाभ आवेदकों को आगे मिलेगा।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि राज्य के युवाओं को अपनी शिक्षा पूरी करने के लिए पर्याप्त रूप से पैसे उपलब्ध नहीं होते हैं क्योंकि वे लोग गरीब परिवार से बिलॉन्ग करते हैं वह जैसे तैसे कर कर 10th या 12th तक अपना पढ़ाई कर लेते हैं लेकिन इससे आगे पढ़ने के लिए पैसों के अभाव में आकर अपना पढ़ाई वहीं छोड़ देते हैं या वह कही काम धंधा करके कुछ पैसे इकट्ठा करते हैं लेकिन इतने पैसे में भी वह आगे का पढ़ाई नहीं कर पाएंगे। क्योंकि इन बच्चों के पिताजी एक मजदूर होते हैं या छोटा-मोटा किस होता है जिसमें उनका सिर्फ पालन पोषण हो पता है इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने इस योजना को चालू किया। यदि युवाओं को बेहतर शिक्षा मिलेगी तो वे बेहतर नौकरी और करियर बना पाएंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
सरकार चाहती है कि हर छात्र को अपनी पसंद का कोर्स चुनने और उसमें प्रवेश लेने का अवसर मिले, चाहे वह इंजीनियरिंग हो, मेडिकल हो, मैनेजमेंट हो या फिर कोई अन्य तकनीकी शिक्षा।
योजना की शुरुआत और अब तक की यात्रा
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में की गई थी। इसका शुभारंभ तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय योजना के अंतर्गत किया था। उस समय सरकार ने यह घोषणा की थी कि इस योजना के तहत छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आसानी से लोन उपलब्ध कराया जाएगा। शुरुआती दिनों में ही इस योजना को छात्रों से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला। हजारों छात्रों ने इसमें आवेदन किया और धीरे-धीरे यह योजना बिहार के हर जिले तक फैल गई। आज लाखों छात्र इस योजना का लाभ ले चुके हैं। खास बात यह है कि लगातार इसमें सुधार और अपडेट होते रहे हैं, जिससे छात्रों को और ज्यादा सुविधा मिलती रही है।
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। सबसे पहले आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए। उसकी आयु 25 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा छात्र को मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश लेना अनिवार्य है। आवेदक के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होनी चाहिए और अभिभावक को यह प्रमाणित करना होता है कि वे इतनी बड़ी राशि खुद से देने में सक्षम नहीं हैं।
42 तरह के कोर्स – उच्च शिक्षा के लिए विस्तृत दायरा
बिहार सरकार ने इस योजना को और प्रभावी बनाने के लिए इसे 42 तरह के कोर्सों से जोड़ दिया है। इसमें इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट, नर्सिंग, लॉ, आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और अन्य कई तरह के कोर्स शामिल हैं। इससे छात्रों के पास विकल्प खुला है कि वे अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार किसी भी कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। इस योजना की यही सबसे बड़ी ताकत है कि यह सिर्फ पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि नए जमाने के व्यावसायिक कोर्सों को भी इसमें शामिल किया गया है।
ब्याज मुक्त लोन और EMI राहत का महत्व
सबसे खास बात यह है कि इस लोन पर किसी तरह का ब्याज नहीं लिया जाता। यानी छात्रों को केवल वही राशि चुकानी होती है जो उन्होंने लोन के रूप में ली है। यदि कोई छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करता है, तो उसे EMI के जरिए आसानी से यह लोन चुकाने का विकल्प मिलता है। सूद मुक्त लोन का फायदा यह है कि छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ता और वे पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक रूप से भी तनावमुक्त रहते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया – ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकता है। इसके लिए सरकार ने एक पोर्टल बनाया है। छात्र इस पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करते हैं और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करते हैं। इसके अलावा जिन छात्रों के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, वे जिला स्तर पर बने केंद्रों पर जाकर भी ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने विशेष हेल्प डेस्क और टोल-फ्री नंबर भी जारी किए हैं।
दस्तावेज़ और ज़रूरी कागजात
आवेदन करने के लिए छात्रों को अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र, प्रवेश पत्र, पहचान पत्र, आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र, पासपोर्ट साइज फोटो और परिवार की आय से संबंधित कागजात जमा करने होते हैं। सभी दस्तावेज सही और वैध होने चाहिए, तभी आवेदन स्वीकार किया जाता है।
पढ़ाई पूरी होने के बाद लोन चुकाने की प्रक्रिया
छात्र जब तक पढ़ाई कर रहे होते हैं, तब तक उन्हें किसी तरह का लोन चुकाना नहीं पड़ता। पढ़ाई पूरी होने के बाद जब छात्र नौकरी करने लगते हैं, तभी से उन्हें EMI भरनी शुरू करनी होती है। चूंकि यह लोन ब्याज मुक्त है, इसलिए EMI का दबाव छात्रों के लिए बहुत कम रहता है।
राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले अन्य सहायक लाभ
छात्रों को केवल लोन ही नहीं बल्कि करियर काउंसलिंग और रोजगार से संबंधित मार्गदर्शन भी दिया जाता है। सरकार चाहती है कि छात्र न केवल पढ़ाई करें बल्कि पढ़ाई के बाद उन्हें सही अवसर भी मिले।
बिहार में शिक्षा के स्तर में सुधार
इस योजना ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती दी है। पहले जहां छात्रों को पढ़ाई के लिए बड़े पैमाने पर बाहर जाना पड़ता था, अब वे राज्य में रहकर भी बेहतर अवसर तलाश रहे हैं।





