भारत की राजधानी नई दिल्ली से पटना जाने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी: स्लीपर वंदे भारत ट्रेन में क्या होगी सुविधाएं…?
भारत की राजधानी नई दिल्ली से बिहार आने वाले यात्रियों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। इस रूट से आने वाले यात्रियों के लिए बहुत जल्द ही एक स्लीपर ट्रेन वंदे भारत की शुरुआत होने जा रही है। भारतीय रेलवे लगातार अपने यात्रियों की सुविधाओ को ध्यान में रखते हुए नई-नई ट्रेन का संचालन कर रही है, हालाँकि रेलवे यात्रियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। इसलिए, दिल्ली से पटना जाने वाले इस ट्रेन की शुरुआत बिहार के प्रमुख पर्व छठ और दिवाली के समय में किया जा रहा है क्योंकि बिहार के लोग हजारों की संख्या में अपने महापर्व को मनाने के लिए अपने घर वापस आते है।

यह ट्रेन दिल्ली से पटना के बीच चलेगी
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन इस साल दिवाली से पहले दिल्ली से बिहार के लिए शुरुआत की जा सकती है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, इस ट्रेन का संचालन सितंबर के अंत तक पटना के लिए हो सकता है हालांकि अभी इस ट्रेन का संचालन रूट की घोषणा नहीं की गई है लेकिन यह ट्रेन दिल्ली से पटना के बीच चलेगी और आगे दरभंगा या सीतामढ़ी तक जा सकती है।
इस वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत खासकर बिहार के लोगों के लिए किया जा रहा हैं क्योंकि बिहार का प्रमुख महापर्व आने वाला है। दिल्ली में रहने वाले बिहारीयो का पर्व दिवाली और छठ पूजा में बहुत कम समय बचा हुआ है। बिहार के लोग दिल्ली में लाखों की संख्या में रहते हैं और उन्हें अपने घर वापस आने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े उसको ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। इस ट्रेन के शुरुआत के बाद यात्रियों का समय की भी बचत होगी और साथ ही साथ उन्हें आरामदायक सफर का आनंद भी मिलेगा।
वंदे भारत एक्सप्रेस का पहला चेयरकार मॉडल
भारतीय रेलवे लगातार यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिकता की ओर बढ़ रहा है। कुछ साल पहले वंदे भारत एक्सप्रेस का पहला मॉडल सामने आया था उस समय से रेलवे यात्रियों के बीच उत्साह और उम्मीद का माहौल देखने को मिला था। यह ट्रेनें दिन के समय के लिए बेहद आरामदायक और तेज साबित हुईं, इसलिए लाखों यात्री ऐसे भी हैं जो लंबी दूरी रातभर की यात्रा करते हैं और उनके लिए आरामदायक स्लीपर की जरूरत हमेशा से महसूस की जाती रही है। इसी मांग को पूरा करने के लिए भारतीय रेलवे अब एक और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। जल्द ही भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस शुरू की जाएगी, जो राजधानी दिल्ली और बिहार की राजधानी पटना के बीच चलेगी।
इस ट्रेन कि शुरुआत हो रही हैं।
इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें चेयर सीट की बजाय स्लीपर कोच लगाए जाएंगे, जहां यात्री को रात के सफर में रातभर आराम से सोते हुए अपनी मंज़िल तक पहुंच सकेंगे। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस ट्रेन को इस साल के अंत तक लॉन्च करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो नवंबर या दिसंबर 2025 से यह ट्रेन पटरी पर दौड़ने लगेगी। यह कदम भारतीय रेल की ओर से एक बड़े बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है क्योंकि पहली बार देश को एक हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन मिलेगी, जो गति, सुविधा और आधुनिक तकनीक तीनों का बेहतरीन मिश्रण होगी।
लाखों यात्री रोज़ाना इस रास्ते से सफर करते हैं।
दिल्ली से पटना का मार्ग भारत के सबसे व्यस्त रूट्स में से एक है। लाखों यात्री रोज़ाना इस रास्ते से सफर करते हैं। राजधानी दिल्ली न सिर्फ देश का राजनीतिक केंद्र है बल्कि यहां रोज़गार, शिक्षा और व्यापार के असीम अवसर मौजूद हैं। दूसरी ओर पटना भी बिहार की राजधानी है रेलवे ने पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के लिए इस रूट को चुना। मौजूदा समय में राजधानी, संपर्क क्रांति और सुपरफास्ट जैसी कई ट्रेनें इस मार्ग पर चलती हैं, लेकिन यात्री संख्या इतनी अधिक है कि अक्सर टिकट के लिए लंबी वेटिंग लिस्ट देखने को मिलती है। वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस इस भीड़ और दबाव को कम करने में मदद करेगी।
इस ट्रेन से दिल्ली से पटना आने में समय ।
जहां तक इस ट्रेन के रूट और स्टॉपेज की बात है, तो रेलवे ने अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन संभावना है कि यह ट्रेन दिल्ली से निकलकर कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, बक्सर और आरा होते हुए पटना पहुंचेगी। यही वह रूट है जिस पर राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी चलती हैं। फर्क सिर्फ इतना होगा कि वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की रफ्तार ज्यादा होगी और यह यात्रियों का सफर का समय लगभग तीन से चार घंटे तक कम कर देगी। मौजूदा राजधानी ट्रेनें दिल्ली से पटना का सफर 12 से 13 घंटे में पूरा करती हैं, जबकि उम्मीद की जा रही है कि वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस यही दूरी 9 से 10 घंटे में तय कर लेगी।
इस ट्रेन का डिजाइन।
इस ट्रेन का डिजाइन भी बेहद खास होगा। इसे भविष्य की तकनीक के अनुरूप तैयार किया गया है। कोच के अंदर की सुविधाएँ होटल जैसी होंगी। हर स्लीपर कोच में आरामदायक बर्थ, नॉइज़-फ्री माहौल, स्मार्ट लाइटिंग और मॉडर्न एसी सिस्टम दिया जाएगा। हर बर्थ पर व्यक्तिगत रीडिंग लाइट और चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध होगा। बायो-टॉयलेट्स को हाई-टेक बनाया गया है ताकि यात्रियों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन में सीसीटीवी कैमरे, फायर अलार्म और इमरजेंसी कम्युनिकेशन सिस्टम लगाए जाएंगे। दिव्यांग यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है और कोच में उनके लिए आसान मूवमेंट और व्हीलचेयर की जगह उपलब्ध कराई जाएगी।
यात्रियों के अनुभव
खाने-पीने की सुविधा भी यात्रियों के अनुभव को खास बनाएगी। इसलिए ऑनबोर्ड कैटरिंग के तहत स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट भोजन परोसा जाएगा। साथ ही ट्रेन में वाई-फाई की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे यात्री सफर के दौरान इंटरनेट का उपयोग कर सकेंगे। रेलवे का उद्देश्य है कि यात्री इस ट्रेन में सफर को महज़ यात्रा न समझें बल्कि इसे एक आरामदायक और आनंददायक अनुभव के रूप में याद रखें।
हालाँकि ट्रेन का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को समय की बचत और आरामदायक सफर के रूप में मिलेगा। त्योहारों के समय जब बिहार से दिल्ली और दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है, उस समय यह ट्रेन खास राहत देगी। छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए यह ट्रेन किसी वरदान से कम नहीं होगी। साथ ही यह बिहार और दिल्ली के बीच सामाजिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगी।
भारतीय रेलवे की योजना।
भारतीय रेलवे का यह प्रयोग आने वाले समय में पूरे देश के लिए रास्ता खोलेगा। योजना है कि धीरे-धीरे दिल्ली-कोलकाता, मुंबई-चेन्नई और दिल्ली-बेंगलुरु जैसे लंबे और व्यस्त रूट्स पर भी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस चलाई जाए। यह भारत को आधुनिक रेल सेवाओं के नए युग में प्रवेश कराने का सबसे बड़ा कदम साबित होगा।



