Apple, जिसे आज जिसे दुनिया भर में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का दूसरा नाम कहा जाता है, usne pure भारत जैसे विशाल desh me jaha ki तेजी से बढ़ती जनसंख्या और वहां का तेजी से बढ़ता हुआ technology duniya me usne सफलता हासिल की है। साल 2025 में Apple ने भारत में $9 बिलियन (लगभग 75,000 करोड़ रुपये) की बिक्री दर्ज की। यह उपलब्धि न केवल कंपनी की भारत में बढ़ती पैठ को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भारतीय उपभोक्ता अब वैश्विक तकनीक के प्रति कितने जागरूक और आकर्षित हैं। इसके साथ ही iPhone 17 सीरीज का लॉन्च भारतीय बाजार में एक नया अध्याय खोलने वाला है।
भारत में Apple की शुरुआती यात्रा
Apple ने भारत में अपनी उपस्थिति बहुत पहले ही दर्ज की थी, लेकिन शुरुआती दौर कंपनी के लिए आसान नहीं था। भारत एक ऐसा बाजार है जहाँ पर लंबे समय से मिड-रेंज और बजट स्मार्टफोन्स का दबदबा रहा है। भारत के लोग ज्यादातर मिडिल फैमिली से बिलॉन्ग करते हैं इसलिए यहां पर 15 से 20000 के लगभग में ज्यादा फोन सेल होते हैं सब लोग की बस की बात नहीं है की सभी लोग आईफोन उसे करें इसीलिए भारत जैसे देश में बहुत दिन से शाओमी, वीवो, ओप्पो और सैमसंग जैसी कंपनियाँ अपनी सस्ती और फीचर-समृद्ध डिवाइसों के कारण पहले से ही लाखों ग्राहकों तक पहुँच बना चुकी थीं। इस पृष्ठभूमि में Apple के लिए जगह बनाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन था लेकिन यह कंपनी कभी हार नहीं मानी और अलग-अलग प्रकार की फोन निकलते चल गई जिसमें टेक्नोलॉजी बहुत अधिक बढ़ते चले गए और कैमरे से यह भारत के लोगों के बीच मशहूर होने लगा धीरे-धीरे लोग इसके और आकर्षित होने लगे क्योंकि इस कैमरा का लुक और फीचर्स काफी जबरदस्त था और यह एक फोन नहीं बल्कि यह एक ब्रांड लगता है।
Apple के iPhones की ऊँची कीमतें, सीमित उपलब्धता और आधिकारिक Apple स्टोर्स का न होना इसकी प्रमुख चुनौतियाँ थीं। शुरुआती दौर में iPhones केवल प्रीमियम क्लास तक सीमित थे और इन्हें केवल वही ग्राहक खरीद पाते थे जो इन्हें एक “स्टेटस सिंबल” मानते थे।
बदलते समय और Apple की रणनीतिक बदलाव
Apple ने महसूस किया कि भारत जैसे बड़े और संभावनाओं से भरे बाजार में लंबे समय तक केवल प्रीमियम ग्राहक वर्ग पर निर्भर रहना टिकाऊ नहीं है। इसी कारण कंपनी ने अपनी रणनीति को बदला और भारत में उत्पादन की ओर एक कदम बढ़ाए। भारत सरकार की “मेक इन इंडिया” पहल और प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम ने Apple को स्थानीय स्तर पर निर्माण करने का प्रोत्साहन दिया।
Foxconn, Wistron और बाद में Tata Electronics जैसे कंपनियों के साथ साझेदारी कर Apple ने भारत में बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू किया। इससे न केवल Apple की लागत कम हुई बल्कि आयात पर निर्भरता भी घट गई। धीरे-धीरे भारतीय बाजार में iPhones की कीमतें अपेक्षाकृत प्रतिस्पर्धी होने लगीं।
$9 बिलियन की रिकॉर्ड बिक्री का महत्व
वित्तीय वर्ष 2025 Apple के लिए भारत में ऐतिहासिक रहा। कंपनी ने $9 बिलियन की बिक्री दर्ज की। यह आँकड़ा सिर्फ एक आर्थिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि भारतीय उपभोक्ता तेजी से प्रीमियम स्मार्टफोन्स की ओर बढ़ते जा रहे हैं इसके स्मार्टफोन काफी अच्छे होते हैं।
Apple के iPhone 14 और iPhone 15 सीरीज ने भारतीय उपभोक्ताओं के बीच शानदार प्रदर्शन किया था। 2024 में iPhone 16 सीरीज ने बिक्री के नए रिकॉर्ड बनाए। और अब, iPhone 17 सीरीज ने लॉन्च के साथ ही बेमिसाल प्री-ऑर्डर प्राप्त किए हैं।
भारतीय उपभोक्ता और बदलता ट्रेंड
भारत में स्मार्टफोन का इस्तेमाल अब केवल कॉल और मैसेज तक सीमित नहीं है। आज के युवा वीडियो कंटेंट, सोशल मीडिया, गेमिंग, प्रोफेशनल वर्क और ऑनलाइन शॉपिंग पर ज्यादा ध्यान देते हैं। इसके लिए उन्हें तेज़, भरोसेमंद और टिकाऊ डिवाइस चाहिए। Apple ने इस जरूरत को समझा और iPhone, iPad, MacBook तथा Apple Watch जैसी डिवाइसों को भारतीय उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध कराया।
युवा पीढ़ी अब केवल फोन खरीदने पर ध्यान नहीं देती, बल्कि वे एक प्रीमियम अनुभव चाहते हैं। कैमरा क्वालिटी, प्रोसेसर की स्पीड, डिस्प्ले टेक्नोलॉजी और सुरक्षा फीचर्स जैसे पहलुओं ने iPhone को उनकी पहली पसंद बना दिया है।
Apple रिटेल स्टोर्स और ग्राहक अनुभव
2023 में Apple ने भारत में मुंबई और दिल्ली में अपने पहले दो फ्लैगशिप स्टोर्स खोले। इन स्टोर्स ने भारतीय ग्राहकों को पहली बार “Apple अनुभव” दिया। ग्राहक सीधे Apple स्टोर में जाकर न केवल प्रोडक्ट खरीद सकते हैं बल्कि उन्हें तकनीकी सहायता और आफ्टर-सेल्स सर्विस भी वहीं मिल जाती है।
Apple का मानना है कि उपभोक्ताओं के साथ सीधा जुड़ाव लंबे समय के लिए ब्रांड वफादारी बनाने में मदद करता है। यही कारण है कि आने वाले वर्षों में Apple भारत के और शहरों में अपने फ्लैगशिप स्टोर्स खोलने जा रहा है।
सप्लाई चेन और भारत की बढ़ती भूमिका
Apple ने लंबे समय तक अपने उत्पादन के लिए चीन पर निर्भरता रखी थी। लेकिन हाल के वर्षों में भू-राजनीतिक तनाव और लागत संबंधी मुद्दों के कारण कंपनी ने सप्लाई चेन को विविध बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए। भारत इसके लिए सबसे उपयुक्त स्थान साबित हुआ।
आज भारत में न केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बल्कि निर्यात के लिए भी iPhones बनाए जा रहे हैं। Apple की योजना है कि आने वाले वर्षों में भारत से लगभग 30% iPhones का उत्पादन और निर्यात किया जाए।
iPhone 17 लॉन्च और उसका महत्व
सितंबर 2025 का Apple लॉन्च इवेंट भारत में लाखों उपभोक्ताओं के लिए बेहद खास था। iPhone 17 सीरीज में चार मॉडल लॉन्च किए गए – iPhone 17, iPhone 17 Air, iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max।
iPhone 17 Air अपनी बेहद पतली डिज़ाइन (सिर्फ 5.5 mm मोटाई) और हल्के वजन की वजह से चर्चा में है। iPhone 17 Pro और Pro Max नए A19 Bionic चिप, 48MP कैमरा, 120Hz OLED डिस्प्ले और बैटरी एफिशिएंसी जैसे फीचर्स के कारण भारतीय उपभोक्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने हैं।
इन फोनों की कीमत भारतीय बाजार में ₹79,900 से ₹1,64,900 तक है। हालांकि कीमतें ऊँची हैं, फिर भी Apple ने रिकॉर्ड प्री-ऑर्डर हासिल किए हैं।
भारत में iPhone 17 की मांग
लॉन्च के तुरंत बाद भारतीय बाजार में iPhone 17 की भारी मांग देखने को मिली। विशेष रूप से Pro और Pro Max मॉडल्स ने ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में प्रीमियम स्मार्टफोन की मांग अब मुख्यधारा बन रही है और iPhone 17 इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण है।
Apple और भारत का साझा भविष्य
Apple अब भारत को केवल एक ग्राहक बाजार के रूप में नहीं देख रहा है। यह देश कंपनी की वैश्विक रणनीति का अहम हिस्सा बन चुका है। उत्पादन, बिक्री और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
आने वाले वर्षों में भारत Apple के लिए दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन सकता है। इससे न केवल Apple को फायदा होगा बल्कि भारत को भी रोजगार, तकनीक और निवेश के रूप में भारी लाभ होगा।
निष्कर्ष
Apple की $9 बिलियन की बिक्री और iPhone 17 का लॉन्च इस बात का सबूत है कि भारत अब वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर एक बड़ा खिलाड़ी बन चुका है। Apple की यह सफलता केवल एक कंपनी की उपलब्धि नहीं है बल्कि यह भारत की बदलती आर्थिक और तकनीकी दिशा की कहानी भी है।


